नई दिल्ली : 1 जनवरी से दिल्ली की सड़कों पर नंबर के हिसाब से गाड़ियां दौड़ेंगी। नंबर की यह व्यवस्था सम व विषम संख्या के आधार पर निर्धारित होगी और पहले चरण में इस दायरे में निजी वाहनों रखा गया है। दिल्ली के मुख्य सचिव के. के. शर्मा ने यह जानकारी दी।दिल्ली सरकार ने दिल्ली पर फैली कोहरे, धुंध व प्रदूषण को चादर को समटने के लिए यह नया फॉर्मूला तैयार किया है। दिल्ली के निजी वाहनों के व्यवस्था लागू होने के बाद इस व्यवस्था को आसपास के राज्यों के वाहनों के लिए लागू किया जाएगा।
हाईकोर्ट व एनजीटी के सख्त दिशा निर्देशों के बाद यह पहल की जा रही है। इसके अतिरिक्त ऐसी नई व्यवस्थाएं भी लागू की जा रही है जिसके लिए दिल्ली सरकार को सीधे केंद्र सरकार की मदद की आवश्यकता होगी। इस व्यवस्था की बेहतर निगरानी की जा सके। इसके लिए दिल्ली सरकार की एक विशेष समिति का भी गठन किया गया है।
यह समिति इस पूर्ण योजना को सख्ती से लागू करने की रणनीति तैयार करेगी। इसमें परिवहन विभाग, पर्यावरण और राजस्व विभाग के अधिकारियों शमिल किय गया है। मुख्य सचिव ने बताया कि सर्दियों में प्रदूषण की वजह से स्थित और खराब हो रही है। इसके लिए सरकार ने ये प्रावधान किए हैं। सिंगापुर की तर्ज पर यह व्यवस्था लागू की जा रही है।
कैसे लागू होगी व्यवस्था
1 जनवरी के लिए अब तक की योजना के मुताबिक यह योजना सभी निजी वाहनों के लिए होगी। किस दिन सम या विषम गाडि़यों को चलाया जाएगा। इसका फैसला जल्द ही सरकार की समिति करेगी। नंबरों के लिए दिन तय होने के बाद केवल अनुमत नंबर की गाडि़यां ही मार्ग पर उतारी जा सकेंगी।
आप कैसे तय करेंगे आपकी गाड़ी का नंबर
सम या विषम नंबर आपकी गाड़ी के आखिरी नंबर के आधार पर तय होगा। माना सरकार ने सम नंबर यानी 2, 4, 6,8 के लिए निषेध किया है तो अपरे रजिस्टे्रशन नंबर का आखिरी नंबर यदि इनमें से एक है तो आपकी गाड़ी को अनुमति नहीं होगी। इसी प्रकार दूसरे दिन 1,3,5, 7 या 9 नंबर होगा। माना जा रहा है कि इससे दिल्ली की सड़कों से आधे वाहनों का बोझ कम हो सकेगा। मार्च 2015 तक 8475371 निजी वाहन पंजीकृत हैं, इनमें दुपहिया व चार पहिया वाहन शामिल हैं।
सफाई होगी मैकेनिकल स्वीपर से : मार्गों पर झाड़ू से होने वाली सफाई भी प्रदूषण पैदा करती है। इसलिए सरकार ने फैसला लिया है कि 1 अप्रैल 2016 से मार्गो पर मैकेनिकल स्वीपर से सफाई होगी। इसके अतिरिक्त मार्गो के साथ के कच्चे स्थलों पर सरकार हरियाली बढ़ाएगी।
बंद होगें बिजली के प्लांट : कोयला आधारित बिजली के प्लांट भी प्रदूषण का कारण है। इसलिए सरकार चाहती है कि बदरपुर प्लांट व दादरी प्लांट को बंद किया जाना चाहिए। इसकी जानकारी जल्द ही एनजीटी को भेजी जाएगी। इस समय बदरपुर प्लांट की तीन यूनिट बंद हैं और एक 201 क्षमता की यूनिट चल रही है। जिससे केवल 160 यूनिट बिजली मिलती है।
11 बजे के बाद दिल्ली में आएंगे भारी वाहन : देश के दूसरे राज्यों मे जाने वाले भारी वाहन दिल्ली से होकर गुजरते हैं। इन वाहनों को अभी बार्डर से 9 बजे के बाद प्रवेश की अनुमति दी जाती है। दिल्ली में वर्किंग ऑवर 9-10 बजे के बीच है। इसलिए अब सरकार चाहती है कि ये वाहन 11 बजे के बाद दिल्ली में प्रवेश करें। सरकार का मानना है कि इना कार्य 11 से 3 बजे के बीच पूर्ण हो जाएगा। इससे दिल्ली को जाम से बचाया जा सकेगा।
पीयूसी के बिना भार वाहन वाहन को अनुमति नहीं :दिल्ली में प्रवेश करने वाले भार वाहक वाहनों के पास यदि प्रदूषण प्रमाण पत्र (पीयूसी)नहीं होगा तो उन्हें बार्डर से ही दिल्ली प्रवेश की अनुमति नहीं मिलेगी। इस व्यवस्था को भी सरकार लागू करने जा रही है। मामले में सरकार का स्पष्ट कहना है कि ऐसे बहुत से वाहन मार्गो पर नजर आते हैं जो प्रदूषण प्रमाणपत्र रखते हैं लेकिन प्रदूषण करते हुए मार्गो से गुजरते हैं। इन वाहनों पर विशेष नजर रखी जाएगी। इसलिए प्रदूषण अधिनियम की धाराओं का प्रयेाग किया जाएगा।













