आजमगढ/लखनऊ। विश्व हिन्दू परिषद ने केंद्र सरकार से मांग की है कि लव जेहाद और धर्मांतरण के खिलाफ एक केंद्रीय कानून भी बनाएं। विश्व हिन्दू परिषद के अंतरराष्ट्रीय कार्याध्यक्ष आलोक कुमार ने रविवार को कहा कि देश के सामने लव जेहाद और धर्मांतरण एक बड़ी समस्या है। इस पर लगाम लगाने के लिए केंद्रीय कानून बनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि देश के कुछ राज्यों में लव जेहाद और धर्मांतरण के खिलाफ कानून है, लेकिन यह समस्या पूरे देश में है। इसलिए विहिप ने केंद्र सरकार से मांग की है कि लव जेहाद और धर्मांतरण के खिलाफ एक केंद्रीय कानून भी बनाएं। आलोक कुमार ने बताया कि इसके लिए विहिप का देशव्यापी अभियान जल्द शुरू होगा।
विहिप गोरक्ष प्रांत की योजना बैठक दूसरे दिन रविवार को नगर के करतालपुर स्थित निजी स्कूल में आयोजित प्रेसवार्ता में आलोक कुमार ने कहा कि कई राज्यों की सरकारें मंदिरों का अधिग्रहण कर संचालित कर रही हैं और भारी टैक्स भी ले रही हैं, लेकिन हमारे मंदिरों की हालत खराब हो रही है। उन्होंने कहा कि इसके लिए भी विहिप ने केंद्र सरकार से एक केंद्रीय कानून बनाकर मंदिरों को समाज को सौंपने की मांग की है।
उत्तर प्रदेश सरकार के जनसंख्या नियंत्रण कानून के संबंध में विहिप कार्याध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि राज्य विधि आयोग को संशोधन का एक प्रस्ताव भेजा गया है, जिसमें कहा गया है कि एक बच्चे वाला कानून नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक बच्चा होता है तो जनसंख्या गिरती है, दो बच्चे होते हैं तो जनसंख्या स्थिर रहती है, लेकिन तीन बच्चे होने पर जनसंख्या का संतुलन बना रहता है, इसलिए अनुरोध किया गया है।
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार श्रीराम जन्मभूमि निधि समपर्ण अभियान के दौरान गांव-गांव संपर्क किया गया था, उसी प्रकार विहिप अपने स्थापना दिवस पर सार्वजनिक कार्यक्रमों का आयोजन गांव से लेकर शहरों तक करेगी। इससे हिन्दू समाज के जो मुद्दे हैं वह लोगों के ध्यान में आएंगे और हमारे सेवा कार्य का आधार बढ़ेगा।
विहिप कार्याध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि वर्ष 2024 में राम मंदिर के लिए रामजी का फ्लोर और गर्भगृह के निर्माण को पूरा कर रामजी को विराजमान कर दर्शन के लिए खोल दिया जाएगा। उन्होंने आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह के इस आरोप को सिरे से खारिज किया कि राममंदिर की भूमि एवं चंदे में किसी प्रकार को घोटाला हुआ है। उन्होंने कहा कि रामजी के एक-एक रुपये को खर्च किया जा रहा है और इसमें किसी भी प्रकार का घोटाला नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर जांच भी हुई तो इसके लिए वे तैयार हैं।
आलोक कुमार ने कहा कि देश में कोरोना रोधी वैक्सीनेशन पूरे जोरों पर है, लेकिन तीसरी लहर के आने का खतरा भी मंडरा रहा है। इसलिए विहिप ने तय किया है कि समाज को कोरोना की तीसरी लहर से खासकर बच्चों को बचाने के लिए पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन में एक कोर्स बनाया गया है। पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन के जरिये बच्चों में जागरुकता लाई जाएगी। गांव एवं शहरों की मलिन बस्तियों में आहार, व्यवहार, सुचिता एवं प्राणायाम की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके लिए आनलाइन क्लास कर रहे बच्चों के विद्यालय प्रबंधन से एक दिन मदर्स डे मनाने का आग्रह किया जाएगा। इसमें बच्चे की मां को जोड़कर कोरोना से निपटने की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके साथ विभिन्न एसोसिएशन के लोगों से अपिल की जाएगी कि वे भी अपने यहां लोगों को इसकी ट्रेनिंग ऑन या ऑफ लाइन दें। इस बार कोरोना के प्राथमिक लक्षण दिखते ही जांच करायी जाएगी। इसके बाद भी अगर किसी को कोरोना होता है तो उन्हें चिकित्सा सुविधा भी उपलब्ध करायी जाएगी। उन्होंने बताया कि कुछ राज्यों में एक ऐप बनाकर टेलीफोन पर लोगों को सलाह भी दी जा रही है। इसलिए इस बार अगर कोरोना आया तो हम उससे लड़ने के लिए तैयार बैठे हैं।

















