राष्ट्रपति ने पूर्व राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम की 89वीं जयंती पर दी श्रद्धांजलि

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नई दिल्ली। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने गुरुवार को पूर्व राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम को उनकी 89वीं जयंती पर नमन करते हुए कहा कि वे सादगी और ज्ञान के प्रतीक थे।

राष्ट्रपति कोविंद ने आज राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक सादा समारोह में देश के 11वें राष्ट्रपति रहे डॉ कलाम के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें याद किया। वहीं उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने कलाम के कथनों का उल्लेख करत हुए कहा कि सपना, सपना, सपना। सपने विचारों में बदल जाते हैं और विचारों के परिणामस्वरूप कार्रवाई होती है।

इसी प्रकार कलाम के एक अन्य कथन का उल्लेख करते हुए कहा, “अगर सूरज की तरह चमकना है तो पहले सूरज की तरह तपना सीखो”। डॉ कलाम को जनता का राष्ट्रपति (पीपुल्स प्रेसिडेंट) कहकर संबोधित करते हुए वेंकैया ने कहा कि देश के भूतपूर्व राष्ट्रपति, राष्ट्र के प्रबुद्ध विचार नायक, युवाओं के प्रेरणास्रोत और प्रख्यात वैज्ञानिक डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती पर मनीषी विचारक के यश को सादर नमन करता हूं।

वे सादगी और ज्ञान के प्रतीक थे। उन्होंने भारत की रक्षा और अंतरिक्ष क्षमताओं को मजबूत करने में अमूल्य योगदान दिया। वह हमेशा हर भारतीय के लिए प्रेरणा बने रहेंगे। उल्लेखनीय है कि कलाम का जन्म 15 अक्टूबर 1931 को रामेश्वरम में हुआ था। वह देश के 11वें राष्ट्रपति के तौर पर वर्ष 2002 से 2007 तक इस पद पर विराजमान रहे।

इस बीच, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भारत रत्न पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती पर उन्हें याद करते हुए कहा कि उन्होंने दुनिया भर के लोगों को अपनी दृष्टि से प्रेरित किया। नड्डा ने ट्वीट कर कहा, ‘भारत के पूर्व राष्ट्रपति, मिसाइल मैन, भारत रत्न डॉ एपीजे अब्दुल कलाम जी को उनकी जयंती पर मेरा हार्दिक सम्मान। उन्हें जनता के राष्ट्रपति के रूप में याद किया जाता है, जिन्होंने दुनिया भर के लोगों को अपनी दृष्टि से प्रेरित किया और मानवता के लिए काम किया।’

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