30 अगस्त तक बढ़ाई गई CBI रिमांड , चिदंबरम को फिर लगा झटका

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नई दिल्ली। दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट ने आईएनएक्स मीडिया डील मामले में पी. चिदंबरम की सीबीआई रिमांड 30 अगस्त तक बढ़ाने का आदेश दिया है। सीबीआई ने चिदंबरम की पांच दिनों की रिमांड की मांग की थी जबकि चिदंबरम ने इसका विरोध किया था।

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कही ये बात
सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि अभी चिंदबरम का एक आरोपित से सामना कराया गया है, बाकी और आरोपितों से सामना करना ज़रूरी है। आईएनएक्स कंपनी से जुड़े ईमेल के बारे में जांच करनी है। लिहाज़ा रिमांड चाहिए। तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि कैसे चिदंबरम जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं।

तुषार मेहता ने कहा कि जब सीबीआई अधिकारी अधिकारी उनसे फॉरेन इंवेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड ( एफआईपीबी) के क्लीयरेंस के नियमों के बारे में सवाल पूछते है, तो चिदंबरम कहते हैं कि उन्हें उस नियम को देखना होगा और फिर वो एक घन्टे तक उस नियम को पढ़ते रहते हैं। मेहता ने कहा कि ईडी की भी जांच चल रही है। हमें ईडी से ही इनपुट मिला था। तुषार मेहता ने ईडी के मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान पेश किया गया हलफनामा भी कोर्ट को सौंपा। मेहता ने कोर्ट से कहा कि जो मेल का आदान-प्रदान किया गया है, उसे देखें। इसकी तह तक जाना जरूरी है। कुछ दस्तावेजों को दिखाकर चिदंबरम से पूछताछ की जरूरत है।

चिदंबरम की ओर से कपिल सिब्बल ने कही ये बातें
चिदंबरम की ओर से कपिल सिब्बल ने कहा कि 50 लाख से जुड़ा कोई दस्तावेज उन्हें नहीं दिखाया गया। अगर उनके पास कोई दस्तावेज हैं तो वो कोर्ट को दिखायें। इसे सनसनी मत बनायें। साढ़े 26 घंटे की पूछताछ की गई और एक भी सवाल नहीं रखा गया। चिदंबरम के समक्ष कुछ नहीं रखा गया। ईमेल को लेकर जो प्रश्न पूछे गए, उनका चिदंबरम ने जवाब दिया । इसका तुषार मेहता ने विरोध करते हुए कहा कि ईमेल से संबंधित आंशिक प्रश्न पूछे गए। तब सिब्बल ने कहा कि जांच की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए। अगर कोई दस्तावेज है तो कोर्ट को दिखाएं। आपके पास कोई दस्तावेज नहीं हैं।

सिब्बल ने कहा कि व्यक्तिगत स्वतंत्रता बहुत कीमती अधिकार है। तब मेहता ने कहा कि हमने पांच देशों से मदद के आग्रह का पत्र लिखा है, वो मैं दिखा सकता हूं। यह हमारे क्षेत्राधिकार में नहीं है। हम चिदंबरम के लिंक को जोड़ने में लगे हुए हैं। तब सिब्बल ने कहा कि आपके आग्रह के पत्र का जवाब आने तक आप चिदंबरम को हिरासत में नहीं रख सकते हैं। तब मेहता ने कहा कि हमने काफी पहले ये आग्रह का पत्र लिखा था। हम ये नहीं कह रहे हैं कि आग्रह के पत्र का जवाब आने तक हम चिदंबरम की हिरासत मांग रहे हैं। सिब्बल ने कहा कि क्या आपके पास ऐसा कोई प्रमाण है, जो ये साबित कर सके कि 50 लाख रुपये की रिश्वत ली गई।

21 अगस्त को गिरफ्तार किए गए थे चिदंबरम
22 अगस्त को कोर्ट ने चिदंबरम को आज तक की सीबीआई रिमांड पर भेजा था। 21 अगस्त की रात को चिदंबरम को उनके घर से गिरफ्तार किया गया था। सीबीआई के मामले में आज सुप्रीम कोर्ट ने भी चिदंरबम की अग्रिम जमानत की अर्जी ये कहते हुए खारिज कर किया कि वो गिरफ्तार हो चुके हैं, इसलिए इस याचिका का कोई औचित्य नहीं है। अभी ईडी के मामले पर कल भी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी रहेगी।

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